"Brahmacharya™ (ब्रह्मचर्य) Celibacy" टेलीग्राम चैनल

टेलीग्राम चैनल का लोगो brahmacharya — Brahmacharya™ (ब्रह्मचर्य) Celibacy
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चैनल से विषय:
Inner
Hindi
Motivational
टेलीग्राम चैनल का लोगो brahmacharya — Brahmacharya™ (ब्रह्मचर्य) Celibacy
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"Brahmacharya™ (ब्रह्मचर्य) Celibacy" टेलीग्राम चैनल

चैनल का पता: @brahmacharya
श्रेणियाँ: मनोविज्ञान
भाषा: हिंदी
ग्राहकों: 26,182 (डेट अपडेट करें: 2021-11-27)
चैनल से विवरण

Brahmacharya ,The Vital Power
ब्रह्मचर्य पालन के लिए इस दुनिया का सर्वश्रेष्ठ और सबसे बड़ा चैनल

#Celibacy
#ब्रह्मचर्य
#meditation
#yoga
#Brahmacharya
#health
#Motivation
#LifeStyle
Contact Admin👉 @Brahmacharya_bot

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नवीनतम संदेश

2021-11-26 17:32:28 ⁉️⁉️⁉️⁉️❗️

सवाल आपके : जवाब हमारे

सवाल: मैं पिछले कुछ दिनों से एक लड़की है। वह Friend है। और मैं उससे Chat पर बात करता हूं। अभी ज्यादा दिन नहीं हुआ है । और हमे रह रह कर उससे की गई बाते याद आती है। और मैं बार बार उसके Chat का Wait करता हूं। और मोबाइल Check करता रहता रहता हूं। की कोई massage आया है या नही !

मैं उनसे पीछा छुड़ाना चाहता हूं अभी ज्यादा दिन नहीं हुआ है मुझे पता लग रहा है , समस्या अभी छोटी है। हमे डर लग रहा है कि कहीं ये आगे चलकर बड़ी समस्या बन जाएगी। और इसके कारण पढ़ाई में Focus नही हो रहा है। और बार बार मेरा ध्यान उसी और जा रहा है ,याद आ रही है । बड़ी आशा से आप के पास Massage करा है। कृपया मेरा मार्गदर्शन करें, इससे कैसे बाहर निकलू ? 🙏🙏

जवाब 👇

ओम शांति
जब भी हमें कही से प्यार या स्नेह की फीलिंग आती है तो आत्मा उस तरफ भागती है, जिससे हर संकल्प उसी के लिए क्रिएट होता है। फोकस चाहकर भी नहीं कर पाते क्योंकि आत्म के खुद के पास वो स्नेह वो शक्ति नही है जिसकी वजह से चाह कर भी वो उन्हे भुला नहीं पाती।


लेकिन यहां ये समझना जरूरी है कि फोकस को कैसे बदला जाए?

गलत और सही का फैसल तो आपने कर ही दिया है कि ये आगे चल कर बढ़ेगा जिससे पढ़ाई खराब होगी और डर भी बढ़ेगा इसलिए आज से अपने कर्मो को खुद चुनना है।

कुछ देर के लिए उनसे किनारा कर ले ताकि आत्मा में कुछ शक्ति भरे और वो इस सिचुएशन को हैंडल कर सके।

इसके लिए पहले तो सात दिन का राजयोग मेडिटेशन का कोर्स करे जो आपको कंसंट्रेट करने में, आपकी शक्ति को बढ़ाने में, फोकस को बदलने में और इन कर्मो के रहस्य को जानने में बहुत मदद करेगा।

हमारी जिंदगी में जो भी आता है ये हमारे हाथ में नही , लेकिन कर्म किस तरह के किस किस्म के करने हैं ये हमारे हाथ में है।


इसलिए पहले राजयोग कोर्स करे , अब आप जब भी उनसे मिलेंगे , देखेंगे या सोचेंगे भी तो मन वही सब क्रिएट करेगा लेकिन जैसे उनके बारे में सोचने की आदत डाली है वैसे ही उनको दुयायें देने की आदत डाले।

जब भी ख्याल आए तो खुद को और उनको ब्लेसिंग देनी है कि मैं परम पवित्र आत्मा हु वो भी परम पवित्र आत्मा है , हम सब purity से भरपूर हैं।

इससे इंपोर्टेंट मेरी लाइफ में अभी बहुत कुछ है करने के लिए इसलिए इसे यहां अभी स्टॉप 🚫 कर देना है। ये मेसेज हर बार देना है। जितनी बार ये मेसेज जाएगा उतना ही उस आत्मा तक भी आपका थॉट पहुंचेगा और उनकी तरफ से भी थॉट प्रोसेस slow होगा और आप जल्दी ही इससे निकल जायेंगे।

ओम शांति
गॉड ब्लेस यू

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2021-11-26 10:32:02 Alcohol, Smoking, Chatting, Shopping, TV,
They are Stress Busters or Stress Distracters.

Distracting your mind, does not
Heal your emotional wound.
Talk to yourself like you would to a friend.
Lovingly counsel the mind, do not distract it.

Make your Mind your Best Friend.

Join on Telegram🔻
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2021-11-26 03:09:28

प्रेम और काम वासना (अपवित्रता )

-अपवित्रता मनुष्य की स्वाभाविक एवं जन्मजात प्रवृति नही है । यह समाजिक जीवन के प्रचलन द्वारा आरोपित है ।

-आज अपवित्रता अर्थात काम विकार के कारण संसार दुखी है । बूढे, बच्चे,  जवान  तथा  हर  नर और नारी इस रोग से ही  पीडित है ।

-समाचार पत्र भरे  पड़े  हैं  ।  दूरदर्शन तथा  इंटरनेट  में बहुत गंदगी भरी  पड़ी  है ।अश्लील साहित्य की बाढ़ सी आई  हुई है ।  चारो तरफ़ हाहाकार मची हुई है । इस रोग को असम्भव मान  कर लोग हिम्मत हार  चुके हैं  ।  ज्ञानी ध्यानी  भी कहते हैं इस विकार को जीतना  मुश्किल है ।

-दुनिया में काम विकार चरम सीमा पर है । यही धर्म ग्लानि का समय है । इसी समय भगवान आ कर जन्म लेते हैं  । तथा  नये सतधर्म   की स्थापना करते हैं !  गायन  है कि  भगवान ने सत्य धर्म की स्थापना की । वह सत्य धर्म और कुछ  नही पवित्रता की  धारणा  ही  सत्य धर्म है ।

दुनिया में असम्भव कोई भी चीज़ नही है । जब तक हमे उस चीज़ का पूरा ज्ञान नही होता तब तक हम उसे असम्भव मानते रहते है ।

-ऐसे ही हमे काम विकार अर्थात पवित्रता का ज्ञान नही है इसलिये हमे काम विकार को  जीतने  में दिक्कत आती है । टेलीग्राम पर ब्रह्मचर्य ग्रुप (@brahmacharya) में आप को इस बात का ज्ञान मिल रहा है । आपकी ट्रेनिंग हो रही है ।

-अपवित्रता क्यों पैदा  होती है ।

-हमारा शरीर कोशिकाओं से बना हुआ है । हमे बल कोशिकाओं से मिलता है ।

-कोशिका  के अन्दर चुम्बकीय बल पैदा  होता है ।

-चुम्कीय  बल कैसे बनता  है इस का पता होना  चाहिये । चुम्बक में रेखाओं के रुप में अणु होते हैं  । इन रेखाओं में चुम्बकीय बल होता है । यह  रेखाये एक दूसरे में साँप  की तरह कुंडली मार कर पड़ी रहती है । जब हम इन में से विद्युत गुजारते है तो ये रेखाये सीधी हो जाती है जिस से उन का  चुम्बकीय बल बाहर असर करने लगता  है । जैसे ही हम विद्युत गुजारनी  बँद करते हैं   चुम्बकीय अणुओ  की रेखाएँ  फ़िर से साँप. की तरह  कुंडली मार लेती है । जिसे से चुम्बकीय बल बनना  बंद हो जाता है ।

-भगवान को याद करते है तो कोशिकाओं में सुप्त पड़ी शक्ति   चुम्बक मि तरह  कार्य करती है, हमे सकूं मिलता है ! अगर ध्यान नही   लगाते हैं तो कोशिकाएं लोहा बन जाती  है शक्तिहीन बन जाती हैं और हमे दुःख होता  है !

अगर जरा भी  मन में  दुख है तो तुरंत राजयोग का अभ्यास करें !

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2021-11-26 03:03:28 Vijayi Ratan" Leadership Challenge

Day 40 (40/90) 26/11/2021

आज का चैलेंज 🔥

अपने परिवार के सदस्यों की 3 अच्छी आदतें जो आप अपने में लाना चाहोगे ,उनको अपनी डायरी में लिखे और हमे @brahmcharya_bot पर भेजे।
1.6K views
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2021-11-25 18:01:51
आज का टास्क बहुत कम लोगो ने पूरा किया है ??
आपने ??
Anonymous Poll
61%
पूरा कर लिया है
39%
नही किया
414 voters1.2K views
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2021-11-25 15:54:31 ❤️ Dear Champ
It's For You❤️


भूलकर भी उस

खुशी से न खेलो

जिसके पीछे हो

गम कि लम्बी कतारे


It means😊

सदा संयम का पालन कीजिये

ब्रह्मचर्य कि रक्षा कीजिये

जीवन के कई मोड़ो पर,सबकुछ पता होते हुए भी जब आप गलत कर बैठेंगे।
तब वहाँ से खुद को सम्भालना बोहत ज़रूरी है। खुद को क्षमा करना ज़रूरी होगा। फिर से आगे बढ़ना होगा

विश्वास कभी मरता नही है,,,
आज गिर पड़े,इसका मतलब ये नही
कि तुम कभी उठोगे नही

कितनी ही बेचैन हालात क्यों न हो,
मौत भी ज़िंदगी से जब अच्छी लगने लगे,
इस तरह कि परिस्थितियों में बस खुद पर और अपने खुदा पर भरोसा मत छोड़ना।
ये भरोसा ही आपकी उजड़ी हुई दुनिया को फिर से संवारने में सक्षम है


T.me/brahmacharya

अपनी हर गलती का दोष किसी और पर मत डालिये । न माता पिता पर, न दोस्तो पर, और न ही हालातो पर। खुद कि
हर गलती के लिये खुद ही को ज़िम्मेदार मानिए। तभी आप सुधार कर सकेंगे

कितनी ही गलती क्यों न हुई हो,,
कोई अफसोस नही कीजिये।
बस सीखकर आगे बढ़ने पर ध्यान दीजिये

सदा याद रखिये।
जो हुआ अच्छा था
जो हो रहा है अच्छा ही है
और जो होगा वह भी अच्छा ही होगां
तब शोक कैसा???🤔
तब चिंता कैसी???🤔

अतः हर निराशा का त्याग कर,
अच्छे कर्म करने पर ध्यान दीजिये।
क्योंकि कर्म हमारे नियंत्रण में है, फल नही। मगर यह विश्वास ज़रूर रखिये।
कि अच्छे कर्म अच्छे फल ही लाते है👍

Believe Yourself😊

🔥You are the Leader
of the whole world

🔥You are the Pioneer of
Whole Humanity

You are The HERO
of
पवित्र भारत महा अभियांन🇮🇳

🔰Note:-सिर्फ एक शेयर ज़रूर कीजिये। यह आपकी नैतिक जिम्मेदारी है।🙏🌹


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T.me/brahmacharya
T.me/brahmacharya
T.me/brahmacharya



🌹🌻जय माता दी🌻🌹

Humanity is the Best Religion😊
2.1K viewsedited  
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2021-11-25 12:22:52 🗒️🗒️🗒️🗒️🗒️🗒️🗒️🗒️🗒️

📚 ब्रह्मचर्य एक बहुत ही महत्वपूर्ण अनुशासन, नियम अथवा व्रत है ।

◼️ इस द्वारा मनुष्य अपने भीतर एक बहुत ही उत्तम शक्ति का भंडार एकत्रित और सुरक्षित कर लेता है ।

◼️ यह शक्ति शरीर को स्वास्थ्य, बल, तेज, सौंदर्य और दीर्घायु प्रदान करती है ।

◼️ब्रह्मचर्य की शक्ति मनुष्य के मनोबल को बढ़ाती है, उसकी वाणी को प्रभाव उत्पादक एवं ओजस्वी बनाती है और उसके मुख्य मंडल को दिव्य कांति देती है ।

◼️ जो कोई भी ब्रह्मचर्य का पालन करता है यह शक्ति उसके नेत्रों में एक अद्भुत आभा भर देती है उसके ललाट को एक अलौकिक चमक प्रदान करती है और उसके व्यक्तित्व में चुंबकीय आकर्षण तथा एक अपूर्व उल्लास ला देती हैं ।

◼️ ब्रह्मचर्य द्वारा मनुष्य जिस शक्ति का संचय करता है, वह शक्ति उसके सद्गुणों के विकास में तथा समाज सेवा में भी बहुत सहयोगी होती है ।

◼️ इससे मनुष्य आत्मा महान और श्रेष्ठ बन जाती है ।

◼️ ब्रह्मचर्य शक्ति को मनुष्य विद्योपार्जन में लगाकर अपना बौद्धिक विकास तथा आत्मिक उन्नति कर सकता है ।

◼️ इस तप द्वारा जितेंद्रीय बनकर वह संतोष सुख पा सकता है और इच्छाओं की गुलामी से छूट सकता है ।

◼️ इस प्रकार ब्रह्मचर्य एक ऐसी साधना है जिस द्वारा मनुष्य का शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, आध्यात्मिक एवं नैतिक सब तरफ से विकास एक साथ ही हो जाता है ।

◼️ *ब्रह्मचर्य के बिना मनुष्य निस्तेज, आलसी अथवा मुर्दा सा हो जाता है क्योंकि यही वह शक्ति है जो शरीर को स्फूर्ति और सार, मन को अदम्य उत्साह और उमंग और आत्मा को वर्चस्व प्रदान करती है ।*

◼️ स्थूल रूप में यह मनुष्य के भोजन का सार है और उसके तेज का आधार है ।

◼️ सूक्ष्म रूप में यह उसके मन का वेग और वोल्व अथवा ब्रेक है और मूल रूप से यही आत्मा के परम उत्कर्ष का साधन है ।

◼️ भारत में जितने भी भक्त, संत, संन्यासी इत्यादि हुए हैं, उन सभी ने आध्यात्मिक साधना की सफलता के लिए ब्रह्मचर्य को बहुत आवश्यक बताया है ।

◼️ योग दर्शन में इसकी गणना 5 यमों के अंतर्गत की गई है । गांधी जी ने भी अपने लेखों तथा पत्रों में इसका बहुत उच्च महत्व बताया हैं ।

📚 प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में तो इसे ईश्वर अनुभूति तथा राजयोंग के अभ्यास के लिए अनिवार्य बताया गया है ।

◼️ क्योंकि इस द्वारा प्राप्त शक्ति से मनुष्य अन्य विकारों का भी अंत कर सकता है तथा जितेंद्रिय एवं एकाग्र होकर ईश्वर लग्न में मग्न होने का परम आनंद प्राप्त कर सकता है ।

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🗒️🗒️🗒️🗒️🗒️🗒️🗒️🗒️🗒️
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2021-11-25 03:31:02
पहले खुद पर ध्यान दे !
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