UPSC की तैयारी करने वाले लाखों छात्रों के लिए पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र किसी खजाने से कम नहीं होते। यही वह नींव है जिस पर यह Telegram चैनल @upsc_previous_year_question खड़ा है — कम से कम नाम और विवरण के अनुसार तो यही दावा किया गया है।
चैनल का नाम और परिचय पढ़कर लगता है कि यहाँ UPSC, IAS, PCS, RAS, SSC, Bank और Railway जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के पुराने प्रश्नपत्र और अध्ययन सामग्री हिंदी माध्यम में मिलेगी। यह उन छात्रों के लिए आकर्षक लग सकता है जो हिंदी माध्यम से सिविल सेवा या अन्य सरकारी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। चैनल पर 2 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं, जो इसकी पहुँच को दर्शाता है।
लेकिन जब हाल के पोस्ट देखे जाते हैं, तो तस्वीर कुछ अलग ही नजर आती है। चैनल पर लगातार UPPCS 2024 के टॉपर्स की सफलता की कहानियाँ शेयर की जा रही हैं — Neha Panchal, Huma Praveen, Anjali Srivastava, Shreya Sharma जैसे नाम सामने आते हैं। इन सभी पोस्ट में एक ही बात दोहराई जाती है: ये सभी "Gyan Sir" के Study for Civil Services के Paid Group के छात्र हैं। हर पोस्ट के अंत में एक ही लिंक दिया जाता है जो उस Paid Group की तरफ ले जाता है।
यानी व्यवहार में यह चैनल मुख्यतः एक पेड प्रोग्राम का प्रचार माध्यम बनकर रह गया है। "बिना किताब पढ़े UPPCS टॉपर बनने की strategy" जैसे शीर्षक निश्चित रूप से ध्यान खींचते हैं, लेकिन ये भी उसी Paid Group की ओर रीडायरेक्ट करते हैं। चैनल के विवरण में भी Cross और Paid Promo का उल्लेख है, जो इस बात की पुष्टि करता है।
जो छात्र यहाँ मुफ्त में Previous Year Questions, Mock Tests, या Study Notes की उम्मीद लेकर आते हैं, उन्हें निराशा हो सकती है। चैनल का नाम और वास्तविक सामग्री के बीच स्पष्ट अंतर है। यह पारदर्शिता की कमी एक बड़ी खामी है।
हालाँकि, यदि कोई छात्र UPPCS या सिविल सेवा की तैयारी के लिए किसी कोचिंग के बारे में जानकारी चाहता है, या Gyan Sir के Paid Program में रुचि रखता है, तो वह यहाँ से जुड़ी जानकारी पा सकता है। लेकिन स्वतंत्र और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री की तलाश में आने वाले छात्रों के लिए यह चैनल अपने नाम पर खरा नहीं उतरता। सब्सक्राइब करने से पहले यह समझ लेना जरूरी है कि यहाँ मिलने वाला अधिकांश कंटेंट एक व्यावसायिक उद्देश्य से प्रेरित है।